Lyrics by: ज़ीशान भरगैनवी
Performed by: ज़ीशान भरगैनवी
देख ले ए मेरी मां तू आकर, लाल के तेरे सहरा सजा है
तेरे बिन लगता सूना समां है, लाल के तेरे सहरा सजा है।
सारे चहरे नज़र आ रहे हैं
आंखें चहरा तेरा ढूंढती है
तेरा चहरा कहां जा छुपा है, लाल के तेरे सहरा सजा है।
चाहती थी दुल्हन घर में आए
खुशियों से तेरा घर जगमगाए
तेरा अरमान पूरा हुआ है, लाल के तेरे सहरा सजा है।
इस मुबारक सुहानी घड़ी में
तू जो होती तो क्या बात होती
तेरी यादों से दिल गमजदा है, लाल के तेरे सहरा सजा है।
आके बेटे की ले लें बालाएं
दिल से दे जा इसे तू दुआएं
इंतज़ार में तेरे खड़ा है, लाल के तेरे सहरा सजा है।
प्यारे भाई नसीम अब तो आओ
मेरे भाई को गोदी उठाओ
ये तुम्हारी भी रह तक रहा है, लाल के तेरे सहरा सजा है।
मेरे मौला यह फरियाद सुनना
मेरे भाई को आबाद रखना
अर्ज़ जीशान यह कर रहा है, मेरे भाई के सहरा सजा है।
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