या इलाही हर जगह तेरी अता का साथ हो - Ya Ilahi Har Jagah Teri Ata Ka Sath Ho (Owais Raza Qadri)


Album: दुआ ए पाक
Lyrics by: आला_हज़रत इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ फाज़िले बरेलवी
Performed by: ओवैस रज़ा क़ादरी, बिलाल रज़ा क़ादरी, अह़मद रज़ा क़ादरी

या इलाही, हर जगह तेरी अ़ता का साथ हो
जब पडे मुश्किल शहे मुश्किल कुशा का साथ हो।

या इलाही, भूल जाऊं नज़अ़ की तकलीफ को
शादी ए दीदार ह़ुस्ने मुस्त़फ़ा का साथ हो।

या इलाही, ग़ौरे तीरह की जब आए सख़्त रात
उनके प्यारे मुंह की सुबह़े जां फिज़ा का साथ हो।

या इलाही, जब पड़े मह़शर मे शोरे_दारो_गीर
अम्न देने वाले प्यारे पेशवा का साथ हो।

या इलाही, जब ज़बाने बाहर आएँ प्यास से
साहिबे कौसर शहे जुदो अ़ता का साथ हो‌।

या इलाही, सर्द मेहरी पे हो जब ख़ुर्शीदे_ह़श्र
सय्यदे बे साया के ज़िल्ले_लिवा का साथ हो।

या इलाही, गर्मी ए महशर से जब भड़कें बदन
दामने मह़बूब की ठंडी ठंडी_हवा का साथ हो।

या इलाही, नामा_ए_आमाल जब खुलने लगें
ऐब पोशे ख़ल्क़ सत्तारे_ख़त़ा का साथ हो।

या इलाही, जब बहें आंखे ह़िसाबे_जुर्म में
उन तबस्सुम रेज़ होठों की दुआ का साथ हो।

या इलाही, जब हिसाबे ख़ंदा_ए_बेजा रुलाए
चश्म गिरियाने शफीए_मुर्तज़ा का साथ हो।

या इलाही, रंग लाएँ जब मेरी बेबाकीयाँ
उनकी नीची नीची नज़रों की ह़या का साथ हो।

या इलाही, जब चलूं तारीक राहे पुल_स़िरात
आफ़ताबे हाशमी नूरुल_हुदा का साथ हो।

या इलाही जब सरे_शमशीर पर चलना पड़े
रब्बी सल्लिम, कहने वाले ग़मज़दा का साथ हो।

या इलाही, जो दुआ_ए_नेक मैं तुझ से करूं
क़ुदसियों के लब से आमीन रब्बना का साथ हो।

या इलाही, जब रज़ा ख़्वाबे गिरां से सर उठाए
दौलते बेदार इश्क़े_मुस्त़फ़ा का साथ हो।

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