ज़मीं से आसमां और आसमां से लामकां पहुंचे - Zameen Se Aasman Aur Aasman Se La Makaan Pahunche ( Ahmad ul Fattah )


Album: नात शरीफ़
Performed by: अहमदुल फत्ताह

ज़मीं से आसमां और आसमां से लामकां पहुंचे
जहां कोई नहीं पहुंचा मेरे आका वहां पहुंचे।

खड़े थे मस्जिदे अक़्सा में सारे अंबिया सफ में
इमामत के लिए जिस दम इमामुल अंबिया पहुंचे।

बहुत हैरां थे जिब्रीले अमीं रफ्तार जब देखी
अभी आका यहां पर थे खुदा जाने कहां पहुंचे।

ना पहुंचा है न पहुंचेगा वहां तक कोई रुत्वे में
रसूले मोहतरम कौनेन के वाली जहां पहुंचे।

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